Yaari

 यारी

एक चेहरा जिसे देख कर ,

मेरा चेहरा खिला,

गुदगुदी से हुई ,और

चिल्लाहट एक कान से गुजरा


बातों में जोश और होश

दोनों को गवाया 

जब मैंने अपने 

सच्चे दोस्त को पाया


ना चाहते हुए भी 

उसने मुझे उठाया, पढ़ाया और सिखाया,

बिना curtsy निभाए

 उसने मुझे अपना बनाया,


दिल के सबसे करीब किस्से को ,

उसने मुझे सुनाया

अपनी बेसुरी आवाज,

में उसने गाना गाया


न जाने कितने चक्कर लगाकर

उसने मुझे मोमो खिलाया,

हमारी दोस्ती दास्तां बनी रहे

उसने ना जाने कितने रास्ते अपनाया।


- ऋषिका गुप्ता

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