सपने
सपने तो अपने होते हैं
फिर ना जाने क्यू पूरे नहीं होते ,
यू तो बहुत होते हैं
आसमान में खुले होते हैं,
समुंदर से अनंत होते हैं,
पंछी सा आजाद होते है,
पर इसके आंखे बंद होते हैं,
खुलती हैं आंखे जब, मन बुलंद होती हैं
हिम्मत की भंडार होती है,
तलवार से नोखीली होती है
तब सपने सच होती हैं।
well said sapne toh apne hote hain par aankhe band hote hain
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