नया साल

 नव वर्ष क्या लाया 

नव वर्ष का नया सवेरा 

खुशियों की सौगात लाया

  

नई उमंग नई आस लाया 

आशा की किरण उल्लास छाया 


हर्षित और प्रफुल्लित मन 

ने खुशियों का किया आह्वान



नव वर्ष का हर एक पल 

लाया सबके लिए उज्ज्वल कल 


प्रसन्नता का कर पर्दार्पण

कुरीतियों का किया समापन 


मिट गई रंजिश और नफरत

हो गई प्यार की बरसात 


किस्मत का छोड़ के हाथ 

आगे बढ़े नई सोच के साथ 


खुद से किया ये वादा 

निराशा को न होने दे आमादा 


नया दिन ईश्वर का उपहार 

भूली बातों को दिया बिसार  


सबके लिए यह नव वर्ष

मानवता का संदेश लाया  


न रहा कोई दुखी और उदास 

सभी ने इसे सहर्ष मनाया 



वैर-द्वेष,छळ-कपट मिटा 

जगाई प्रीत की चाहत


मुस्कुरा कर नव वर्ष का 

किया सभी ने स्वागत 

  


पूरे विश्व में हो शांति 

बस यही चाहना


नव वर्ष मंगलमय हो 

यही मेरी कामना हैं

(शिक्षिका )

गुड़गाँव


Poet- मीनू सरदना

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