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Six Pillars Of union budget Fy 2021-2022

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The union budget 2021 is focused on the India's Growth and is tailored to revive the Indian economy in a post COVID world.While the rollout of the vaccine will be the government's near term priority ,the budget aims to address the demand of industrial to spur growth and consumption.It is overall ,a practical budget ,and ,if implemented well,can be a progressive too. By-Varun Berry ,Managing director , Britannia industries. Here are following six pillars of union budget 2021-2022   1.Heath and well being 137%  hike in Health Budget 2. Physical and Financial capital and infra 3. Inclusive development 4. Human Capital 5. Innovative and research and development 6. Minimum Government, maximum Government.

Rishika Gupta

If I were hosting an event at school then  I will follow the following steps to get students attend :- 1. Collect the details of Class representative and Class teacher of every standards 2. Organize a meeting with class teacher and class representative separately. 3. Make them assure that our program will be going to meet very effectively and informative for all the students. 4. And finally we formally invite them with all the students 5. Follow up round 

गीता के 10 सबसे महत्वपूर्ण श्लोक| In Sanskrit,Hindi and English

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  1) नैनं छिद्रन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावक: । न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुत ॥ (द्वितीय अध्याय, श्लोक 23) इस श्लोक का अर्थ है: आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं, न आग उसे जला सकती है। न पानी उसे भिगो सकता है, न हवा उसे सुखा सकती है। (यहां भगवान श्रीकृष्ण ने आत्मा के अजर-अमर और शाश्वत होने की बात की है।) The meaning of this shloka is: neither can the soul cut off its arms, nor can fire burn it. Neither water can soak it, nor air can dry it. (Here Lord Krishna has spoken of the soul as being immortal and eternal.) ( 2) हतो वा प्राप्यसि स्वर्गम्, जित्वा वा भोक्ष्यसे महिम्। तस्मात् उत्तिष्ठ कौन्तेय युद्धाय कृतनिश्चय:॥ (द्वितीय अध्याय, श्लोक 37) इस श्लोक का अर्थ है: यदि तुम (अर्जुन) युद्ध में वीरगति को प्राप्त होते हो तो तुम्हें स्वर्ग मिलेगा और यदि विजयी होते हो तो धरती का सुख को भोगोगे... इसलिए उठो, हे कौन्तेय (अर्जुन), और निश्चय करके युद्ध करो। (यहां भगवान श्रीकृष्ण ने वर्तमान कर्म के परिणाम की चर्चा की है, तात्पर्य यह कि वर्तमान कर्म से श्रेयस्कर और कुछ नहीं है।) The meaning o...

त्वमेव माता च पिता त्वमेव /Tvamev Maata Ch Pita |meaning in hindi |English pronounciation

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संस्कृत  त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बंधुश्च सखा त्वमेव त्वमेव विद्या द्रविड़म त्वमेव, त्वमेव सर्वम् मम् देव देव || माता तू ही गुरु दाता तू ही, मित्र भ्राता तू ही धन-धान्य भंडारो | ईश तू ही जगदीश तू ही, मम शीश तू ही प्रभु राखनहारो | राव तू ही उमराव तू ही, सत्य-भाव तू ही मम नैन को तारो | सार तू ही करतार तू ही, घर-द्वार तू ही परिवार हमारो | सोम तू ही और व्योम तू ही, निज ओम तू ही मम प्राण अधारो ॥ Typed in English Alphabet Tvamev Maata Ch Pita Tvamev, Tvamev Bandhushch Sakha Tvamev Tvamev Vidya Dravidam Tvamev, Tvamev Sarvam Mam Dev Dev || Maata Too Hee Guru Daata Too Hee, Mitr Bhraata Too Hee Dhan-dhaany Bhandaaro | Eesh Too Hee Jagadeesh Too Hee, Mam Sheesh Too Hee Prabhu Raakhanahaaro | Raav Too Hee Umaraav Too Hee, Saty-bhaav Too Hee Mam Nain Ko Taaro | Saar Too Hee Karataar Too Hee, Ghar-dvaar Too Hee Parivaar Hamaaro | Som Too Hee Aur Vyom Too Hee, Nij Om Too Hee Mam Praan Adhaaro . Meaning in Hindi प्रभु तुम ही मेरी माँ हो और तुम ही मेरे पिता हो। तुम ही मेरी माँ, पिता और उन...

यादें 2020 की by-शिवम् कुमार

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 *यादें* 2020 तुमनें इस साल मेरे और मेरे परिवार को बड़ा रूलाया है,  कोरोना  जैसी बीमारी को महामारी बना दुनिया को सताया है,  कभी आंधी तो कभी तूफ़ान हर जगह लाया है,  इससे कुछ न हुआ तो टिड्डीयो से फसलों पर हमला करवाया है,  दुनिया को घरों में कैद कर कंगाल बनाया है,  कितनों के रोजगार छीनकर सड़कों पर लाया है,  पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को एक दम से नीचे की ओर गिराया है,  स्कूल से लेकर काॅलेज तक को बंद करवाया है,  शवों को ढ़ेर लगवा साधुओं की हत्या करवाया है,  ये सब होने के बवजूद भी हमनें 2020 में बहुत कुछ पाया है,  खुद पर विश्वास और अपनों का साथ पाया है,  सालों से फंसा था जो राम मंदिर का कैस वो राम मंदिर अब बनने को आया है,  ईश्वर की महीमा तो देखो गम देखकर भी दुनिया को हंसाया है,  जिस आयुर्वेद को भूल गई थी दुनिया उसे आज फिर दुनिया ने अपनाया है,  योग को अपनाकर अपनी प्रतिरोधक क्षमता को लोगों ने बढ़ाया है, 2020 तुमनें यादों का ढे़र लगाया है॥   Author - Shivam kumar  Instagram id - @Shivam.1076

अनन्त को अंत समझ लेते हैं

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  अनन्त को अंत समझ लेते हैं मेरी बातें ,मेरे वादे ,मेरी बर्बादी ,मेरी है मेरी चाल ,मेरी चाहत, मेरी जहान,मेरी है, मैं खुद को खुद से जीताती हूं,क्योंकि जीतने का वजह भी मैं हूं, जिंदगी के इस सफर में हार को अपनाती हूं, वजह हार की, सिर्फ मैं हूं, गुनाह किया तो मैंने किया,मेहनत से मैं भागी फिरी , फिर क्यों मैं संसार से जवाब ढूंढती हूं, कुछ बातों की कोई वजह नहीं होती हम बेवजह खामोशियों का वजह ढूंढते रह जाते हैं, हमें पता है उन खामोशियों की कोई जुबां नहीं होती हम बेवजह आसमान में तारे ढूंढते हैं, हमें पता है उन तारों की कोई अंत नहीं होती हम बेवजह अनंत को अंत समझ लेते हैं, हार तो सिर्फ जिंदगी का एक पल है हम उसे पॉवरफुल समझ लेते हैं, हार तो हर किसी के जिंदगी में आता है और एक नया मोड़ दे जाता है, नई राहें, नई वादे, नई वादी फिर से मेरी हो जाती है, उन खामोशियों को मिटा कर खूबसूरत हो जाते हैं। Author Rishika Gupta

नया साल

 नव वर्ष क्या लाया  नव वर्ष का नया सवेरा  खुशियों की सौगात लाया    नई उमंग नई आस लाया  आशा की किरण उल्लास छाया  हर्षित और प्रफुल्लित मन  ने खुशियों का किया आह्वान नव वर्ष का हर एक पल  लाया सबके लिए उज्ज्वल कल  प्रसन्नता का कर पर्दार्पण कुरीतियों का किया समापन  मिट गई रंजिश और नफरत हो गई प्यार की बरसात  किस्मत का छोड़ के हाथ  आगे बढ़े नई सोच के साथ  खुद से किया ये वादा  निराशा को न होने दे आमादा  नया दिन ईश्वर का उपहार  भूली बातों को दिया बिसार   सबके लिए यह नव वर्ष मानवता का संदेश लाया   न रहा कोई दुखी और उदास  सभी ने इसे सहर्ष मनाया  वैर-द्वेष,छळ-कपट मिटा  जगाई प्रीत की चाहत मुस्कुरा कर नव वर्ष का  किया सभी ने स्वागत     पूरे विश्व में हो शांति  बस यही चाहना नव वर्ष मंगलमय हो  यही मेरी कामना हैं (शिक्षिका ) गुड़गाँव Poet- मीनू सरदना